बंगाली चमत्कारी शाबर मंत्र साधना टोने टोटके

बंगाली चमत्कारी शाबर मंत्र साधना विद्या टोने टोटके

हम सब लोग बंगाल के बारे में तो जानते हैं, संस्कृत में इस इलाके को बंग के नाम से जाना जाता था।  यह वही जगह है जहाँ से अंग्रेज़ों ने भारत में कदम रखा था और हमारा पतन शुरू किया था। इस इलाके में विकास उस समय के बाद काफी तेज़ी से हुआ क्यूंकि यह अंग्रेज़ों की ईस्ट इंडिया कंपनी का गढ़ बन गया था। बंगाली लोग ज़्यादातर अच्छे दही, मछली और रबीन्द्रनाथ टैगोर के लिए जाने जाते हैं। दही आज कल के रसायनिक तरीकों से पहले ही इन के यहाँ मक्खन जैसा काट-काट के दिया जाता था। मछली बंगाली लोग बहुत प्रेम खाते हैं, गाओं के इलाके से अगर आपकी ट्रैन बंगाल से गुजरे तो आप घरों के पीछे ताल बने पाएंगे और उनमें की मछलियां इन लोगों का प्रिय भोजन हैं।

बंगाली चमत्कारी शाबर मंत्र साधना टोने टोटके
बंगाली चमत्कारी शाबर मंत्र साधना टोने टोटके

 

 

बंगाल सोच विचार में पिछले ५० साल में वाम पंथी पॉलिटिक्स और तंत्र मंत्र जिसमें रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद जैसे लोग हुए हैं से जुड़ा हुआ है।  रामकृष्ण परमहंस काली माता के अनन्य भक्त थे और समाधी लेने पर सीधा काली माँ से बात करते थे। कोलकाता के पास एक तंत्र का गढ़ मंदिर है कालीघाट में। बंगाल में ५१ शक्ति पीठों में से कई शक्ति पीठ हैं, एक-दो बटवारे के बाद बांग्लादेश में चले गए पर सबसे उत्तम माना जाने वाला तारापीठ अभी भी बंगाल में ही आता है। तंत्र का एक और प्रसिद्ध मंदिर है कामाख्या देवी मंदिर जो की असम में है, यहाँ से आदान-प्रदान बंगाल तक हमेशा बना रहा है।

 

बिहार और उड़ीसा से भी आध्यात्मिक लोगों का आना-जाना लगा रहता है। इन लोगों में सबसे सुप्रसिद्ध हैं चैतन्य महाप्रभु जो भक्ति मार्ग और वेदांत के एक महात्मा हैं।  तंत्र के लिए बंगाल में एक जगह है वीरभूम, यहाँ लोग दूर-दूर से तंत्र-मंत्र-यन्त्र की साधना सीखने और सिखाने आते हैं।  इस जगह पर ही बड़े-बड़े अघोरी हुए हैं और वाम पंथ का सिद्ध इलाका माना जाता है। यहाँ पर एक बहुत ही बड़ा शमशान घाट है, इस पर बहुत से तांत्रिक आकर अपनी साधना पूरी करते हैं – वे सब ज़्यादातर अघोरी होते हैं।

बंगाली वशीकरण मंत्र

बंगाल के तांत्रिकों में श्री कामाख्या देवी जो की गौहाटी में स्थित हैं,के प्रति बहुत ही आस्था है, ख़ासकर  वशीकरण जैसे तंत्र साधना के लिए। श्री कामाख्या देवी को अत्यंत उग्र माना गया है, अगर उनकी पूजा निष्ठापूर्वक की जाये तो वह कतई निष्फल नहीं जाएगी। कामाख्या देवी की साधना के लिए बंगाल के लोगों में बहुत आस्था और विश्वास है एवं उनका यह भरोसा अकारण नहीं है।  इस विधि का मंत्र है –

“ ॐ नामों कामाख्या देव्यै -जिसका वशीकरण करना है उसका नाम- माँ वश्य कुरु स्वाहा “

इस मंत्र को आधी रात को शुरू करना चाहिए, उस जगह करें जहाँ बिलकुल एकांत हो। इसकी शुरुआत से पहले देवी का चित्र या मूर्ति अपने समक्ष ज़रूर रख लें।  पञ्चोपकर पूजन भी करना होगा अच्छे फल के लिए।  अब हाथ में पानी लें और पहले अपना नाम बोलेें फिर अपना गोत्र बोलेें उसके बाद सवा लाख बार जाप करने का संकलप करें।

अब दिशा न्यास करें फिर कर न्यास करें अब अंग न्यास करें फिर कवच और कीलक आदि का उच्चारण करें और इस सब के पश्चात देवी के रूप को ध्यान में लाएं और उस की आकृति पर गौर करें। इस तरह रोज़ अर्ध-रात्रि में सवा महीने के अंदर-अंदर इस संकल्प को पूरा अवश्य करें। जाप के बीच जिसका वाशीकरण करना चाह रहे हैं उसका चित्र अपने समक्ष अवश्य रखें।

अगर आप के पास चित्र न होने पर कलम से एक कागज़ पर साफ-साफ उसका नाम लिख दें। अगर प्रतिदिन यह कर पाना मुमकिन नहीं हो तो पहले और आखिरी दिन ऐसा ज़रूर करें। मध्य के दिन जो आएंगे में दुर्गा सप्तशटि  का कवच ज़रूर पढ़ें।  सवा लाख बार जप कर लेने पर १०८ आहुतियां ज़रूर डालें। तब यह मंत्र पूरी तरह से सिद्ध हो जायेगा और आपका काम बनने को तैयार हो उठेगा।

पूजा के लिए पुष्प, प्रसाद, धुप आदि संभाल कर रख लें। जिसको वशीकृत करना है उसका नाम लेकर ११ बार मंत्र पढ़ें और प्रसाद खिलावें अथवा पानी उसपर छिड़क दें या फिर पुष्प उस किताब पर रखें,  आप जिसको वशीभूत करना चाहते हैं ज़रूर वशीभूत हो जायेगा।

बंगाली लोगों की जादू मंत्र की साधना 

यह माना जाता है की बंगाल में हर घर में बच्चे के बड़े होने के दौरान, खासकर लड़कियों को, गृहकार्य के अलावा वशीकरण के कुछ टोटके या मंत्र ज़रूर बताये जाते हैें। वह इसलिए भी है क्यूंकि दक्षिण काली की पूजा इस इलाके में काफी प्रचलीत है। यह वशीकरण के टोटके और मंत्र हालाँकि की दोनों पुरुष और लड़कियों को सिखाये जाते हैं, औरत चूँकि गृहणी है और उससे घर चलाना है, इसलिए उसे अपने वर को वश में रखना अच्छे से सिखाया जाता है।  नहीं तो वशीकरण दोनो को आता है।

इस तरह एक अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है – “ ओम क्रीं क्री दक्षिण कालियै नमा  ” यह मंत्र दक्षिण काली की साधना के लिए बनाया गया हैं और काफी अच्छे मन्त्रों में से एक है।  इस मंत्र की आराधना करने से उस आदमी या औरत के लिए सब कुछ संभव है क्यूंकि काली माँ दस महाविद्याओं में से सबसे उच्चतम है।

इस मंत्र के प्रयोग से आप एक सुप्रसिद्ध तंत्र के साधक बन जाएगेें, काली माता की उपासना करना सिर्फ बंगालियों के लिए ही थोड़े है, वे भी करें, आप भी करो। इस सब से आप पाएंगे की आप की धार्मिक निष्ठा बढ़ती जा रही है, आप दिन-ब-दिन आध्यात्म से और जुड़ते जा रहे हैं और आपकी मनोकामनाएं पूरी होती जा रही हैं।

हम लोग आज कल की ज़िदगी में कई बार यह भूल जाते हैं की गलत दिशा में कड़ी मेहनत से अच्छा होता है सही दिशा में थोड़ी-सी कोशिश।  अगर आप तंत्र साधना से किसी वजह से संतोष प्राप्त नहीं कर पाते तो तो आप किसी अच्छे ज्योतिषी से अपनी परेशानी का उपाय पूछें।

वह ज़रूर ही आप की दिक्कत का हल निकाल देगा और उपयुक्त युक्ति बता के आपकी तकलीफ दूर कर देगा। तंत्र में विश्वास, मंत्र में साफ़ उच्चारण पाना भी अच्छे कर्म का प्रतीक होता है।  बंगाली लोग किस तरह मंत्र की साधना करते हैं, तंत्र की साधना करते हैं यह तो हमने आपके सामने रखा है, अगर आप तब भी और जानने को उत्सुक हों तो बंगाल और गौहाटी घूमने भी जा सकते है, क्यूंकि खुद देख कर सीखने की बात ही कुछ और होती है।

 

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टोने गुरूजी

वशीकरण टोने गुरूजी वशीकरण टोने तंत्र विद्या की एक शैली है, जिसमे किसी को अपने काबू मे करने के लिए उस व्यक्ति विशेस की पसंद की कोई चीज़ हासिल की जाती है फिर उस चीज़ को वशीकरण मंत्र के द्वारा सिद्ध किया जाता है. उसके बाद वशीकरण पूजा की जाती है तथा फिर उस चीज़ को एक नियत दिन, समय पर व्यक्ति विशेस पर आजमाया जाता है. ये क्रिया एक योग्य वशीकरण गुरु के द्वारा सम्पादित की जाती है. कोई भी वशीकरण टोना की सफलता एक योग्य गुरु पर निर्भर करती है.