पति पत्नी के बीच झगड़े मुक्ति टोटके

पति पत्नी के बीच झगड़े मुक्ति टोटके

पति-पत्नी में नोंक-झोंक एक आम सी बात है, परंतु कभी-कभी मामला नोंक-झोंक से बढ़कर भयंकर विवाद में परिवर्तित हो जाता है तथा स्थिति अलगाव तक पहुँच जाती है| कहते हैं, किसी समस्या के कारण को जान लेने पर उसका आधा समाधान अपने आप हो जाता है| पति-पत्नी में अनबन के पीछे आर्थिक, सामाजिक, पारिवारिक पृष्ठभूमि तो होती ही, परंतु ग्रह नक्षत्रों की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता| इसलिए समाधान से पूर्व उसके पीछे निहित कारणों की जांच आवशक है|

पति पत्नी के बीच झगड़े मुक्ति टोटके
पति पत्नी के बीच झगड़े मुक्ति टोटके

ज्योतिषीय दिष्टिकोण से पति-पत्नी में अनबन के निम्न कारण हो सकते हैं –

  • यदि पति अथवा पत्नी दोनों में से किसी के सप्तम भाव में शनि बैठा हो अथवा उसका गोचर हो तो दोनों मे मतभेद होने लगते हैं|
  • सप्तम अथवा अष्टम भाव में राहू, केतू सूर्य का बैठना अथवा उसकी दृष्टि होना|
  • दोनों अथवा दोनों में से किसी एक पर साढ़े साती का प्रभाव|
  • पति अथवा पत्नी के शुक्र में गुरु की दशा अथवा गुरु में शुक्र की दशा होना|

 

किसी कुशल ज्योतिषी से इन कारणों की जांच करवाने के उपरांत निम्न उपाय करें –

  • यदि पत्नी-पत्नी में अनबन के पीछे कारक तत्व राहू हो, तो राहू यंत्र के सम्मुख अष्टमुखी रुद्राक्ष से राहू मंत्र का जाप करें तथा जाप के उपरांत रुद्राक्ष धारण करें|
  • यदि अनबन के पीछे कारक तत्व केतु हो तो केतु यंत्र की पूजा करें, गणेश तथा केतु मंत्र का जाप नौमुखी रुद्राक्ष पर करने के उपरांत उसे धारण करें| केतु से संबन्धित वस्तुओं का दान भी लाभदायक होता है|
  • यदि शनि के कारण गृह क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो रही हो, तो शानि से संबंधित वस्तुओं का दान (लोहा, सरसो अथवा तिल का तेल, काली उड़द) करें| शनिवार सांयकाल शनि यंत्र की पूजा तथा शनि मंत्र का जाप सातमुखी रुद्राक्ष पर करें तथा उसे धारण करें|

नोट: यदि किसी गृह दोष के कारण पति-पत्नी में अनबन या गृह क्लेश की स्थिति बन रही हो तो सबसे पहले किसी कुशल जानकार के सहयोग से ग्रह शांति करवा लेना श्रेयस्कर है|

 

गृह क्लेश दूर करें के उपाय

कभी-कभी गृह क्लेश के पीछे ग्रह दोष के अलावा भी अनेक कारण होते हैं इसलिए कुछ सामान्य कारणों का उल्लेख करते हुए नीचे उनका निवारण दिया जा रहा है|

 

यदि गृह क्लेश के पीछे पति का विवाहेत्तर संबंध हो तो निम्न उपाय करें-

  • पूजा घर में मातंगी यंत्र स्थापित करें| इससे तत्काल लाभ होता है|
  • नीलम तथा हीरा पहनें|

कई बार कुछ लोग दुर्भावना से प्रेरित होकर खुशहाल दंपत्ति के जीवन में जहर घोलने के लिए तांत्रिक क्रिया करवा देते हैं, परिणामस्वरूप पति-पत्नी के बीच मतभेद खतरनाक स्थिति में पहुँच जाती है| ऐसी स्थिति में –

  • पति तथा पत्नी सोमवार के दिन शुक्ल पक्ष में उत्तर दिशा की ओर मुंह करके गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करें|
  • पूजा घर में बाधा मुक्ति यंत्र स्थापित करें|
  • बेडरूम में शुक्र यंत्र स्थापित करें|
  • कुशल ज्योतिषी से सलाह लेकर पति हीरा तथा नीलम धारण करें|

 

अनुष्ठान

पति-पत्नी में अनबन पराकाष्ठा पर तब पहुँचती है, जब पत्नी गुस्से में घर छोड़कर चली जाए| ऐसी स्थिति में निश्चित अनुष्ठान करने पर परिणाम सकारात्मक होता है|

रात्रि 10 बजे शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से आठ दिन पूर्व स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें तथा कंबल के आसन पर बैठें| अपने सामने दीपक तथा अगरबत्ती जलाएँ, जल से भरा पात्र रखें तथा दो घंटे तक निम्न मंत्र का जाप करें –

,” मोहिनी माता, भूत पिता, भूत सिर वेताल। उड़ ऐं काली ‘नागिन’ को जा लाग। ऐसी जा के लाग कि ‘नागिन’ को लग जावै हमारी मुहब्बत की आग। खड़े सुख, लेटे सुख, सोते सुख। सिन्दूर चढ़ाऊँ मंगलवार, कभी छोड़े हमारा ख्याल। जब तक देखे हमारा मुख, काया तड़प तड़प मर जाए। चलो मन्त्र, फुरो वाचा। दिखाओ रे शब्द, अपने गुरु के इल्म का तमाशा।”

उक्त मंत्र के जाप के समय हृदय में पत्नी के प्रति प्रेम रखते हुए ‘नागिन’ के स्थान पर अपनी पत्नी का नाम लें| सनद रहे, इसका अर्थ यह नहीं है कि आप पत्नी को नागिन समझें| जाप के समय अपना मुख उसी दिशा में रखें जिस दिशा में पत्नी रहती हो, तथा निरंतर अपनी पत्नी का स्मरण करते रहें|

 

अन्य कारण

कई मामलों में देखा गया कि पति पत्नी के मध्य अनबन के पीछे ग्रह दोष अथवा तांत्रिक प्रयोग कारण नहीं होता, बल्कि दोनों की नासमझी होती है| ऐसी स्थिति में कुछ टोटके काफी कारगर होते हैं| निम्नांकित में से सुविधानुसार किसी का भी चुनाव किया जा सकता है|

  • अपने घर में केवल शनिवार अथवा सोमवार को ही गेंहू पिसवाने का काम करें तथा उससे पहले उसमें सौ ग्राम काला चना मिला दें तथा उसी की रोटी खाएं|
  • पूरब की ओर सिर करके सोएँ, इससे विचार में सकारात्मकता आती है|
  • चालीस दिन तक निरंतर चींटी के बिल के पास आटा और चीनी मिलाकर रखें|
  • तीन गोमती चक्र लें तथा अपने घर के दक्षिण दिशा में ‘हलूँ बलजाद’ कहकर फेंक दें| यह अत्यंत लाभकारी टोटका है|
  • पाँच गोमती चक्र सिंदूर की डिब्बी में रखकर पूजा घर में या शृंगार वाली जगह पर रखें|
  • नए लाल कपड़े में मसूर की दाल, लाल चन्दन तथा छोटे-छोटे पाँच नारियल बांधकर बहते हुए जल में बहा दें|
  • सोने से पूर्व पति अपनी पत्नी के तकिये के नीचे कपूर तथा पत्नी अपने पति के तकिये के नीचे सिंदूर की पुड़िया रख दे| प्रातःकाल उठने पर सिंदूर को घर के बाहर फेंक दें तथा कपूर को प्रज्ज्वलित कर दें| इससे सतत चल रहा झगड़ा समाप्त हो जाता है|

 

पत्नी-पत्नी में अनबन तथा झगड़ा समाप्त करने हेतु मंत्र

  • सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत होकर शुद्ध वस्त्र धारण करें तथा शिवमंदिर में जाकर पूजा अर्चना करें| शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ तथा निम्न मंत्र का जाप करते रहे –

      नम: सम्भावय मयो भवाय नमः !!!

       शंकराय मयस्कराय नमः  शिवाय शिवतराय च!!

  • पति अथवा पत्नी दोनों में से कोई एक स्फटिक की माला पर यदि निम्न मंत्र का निरंतर जाप करे तो 21 दिन के भीतर सुखद परिणाम प्राप्त होता है| यदि मंत्र जाप पत्नी को करना हो तो मंत्र में पत्नी के स्थान पर पति शब्द का उच्चारण करे| 21 दिन के बाद माला बहते हुए जल में प्रवाहित कर दे|

धं धिं धुम धुर्जते पत्नी वां वीं बूम वाग्धिश्वरि।

क्रं क्रीं क्रूं कालिका देवी शं षीम शूं में शुभम कुरु॥

 

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टोने गुरूजी

वशीकरण टोने गुरूजी वशीकरण टोने तंत्र विद्या की एक शैली है, जिसमे किसी को अपने काबू मे करने के लिए उस व्यक्ति विशेस की पसंद की कोई चीज़ हासिल की जाती है फिर उस चीज़ को वशीकरण मंत्र के द्वारा सिद्ध किया जाता है. उसके बाद वशीकरण पूजा की जाती है तथा फिर उस चीज़ को एक नियत दिन, समय पर व्यक्ति विशेस पर आजमाया जाता है. ये क्रिया एक योग्य वशीकरण गुरु के द्वारा सम्पादित की जाती है. कोई भी वशीकरण टोना की सफलता एक योग्य गुरु पर निर्भर करती है.