इंद्रजाल वशीकरण मंत्र

इंद्रजाल वशीकरण मंत्र

इंद्रजाल वशीकरण मंत्र  : – इंद्रजाल का नाम हम सबने सुना है। तंत्र मंत्र का सबसे बड़ा और पुराना संग्रह इंद्रजाल वशीकरण मंत्र माना जाता है। इंद्रजाल का नाम सुनते ही सभी को लगता है कि यह कोई मायावी विद्या है। आजकल जादूगर और मदारी करतब दिखाते है वो इंद्रजाल का ही एक भाग है। इसे काला जादू, वशीकरण, सम्मोहन, मारण और मोहन से भी जोड़कर देखते हैं। हालांकि फारसी में इसे तिलिस्म कहा जाता है। यह शब्द भी भारत में बहुत प्रचलित है जो जादू के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है।

इंद्रजाल वशीकरण मंत्र
इंद्रजाल वशीकरण मंत्र

इंद्रजाल की भाषा सामान्य न होकर मुहावरे और संकेतों जैसी है जिसकी वजह से सामान्य इंसान इसे समझ नहीं पाता है. हालाँकि ये दावा किया जा रहा है की इंद्रजाल का हिंदी संस्करण भी 100 प्रतिशत शुद्ध है। लेकिन ये सत्य नहीं माना जा सकता है क्योंकी इसमें वो भाव और अर्थ निकलकर नहीं आ रहे हैं, जो आने चाहिए इसलिए अगर आपको सही इंद्रजाल का ज्ञान चाहिए तो आपको इसकी 1965 से पहले का संस्करण पढ़ना चाहिए क्योंकि समय के साथ-साथ इसको तोड़-मरोड़ कर छापने की वजह से इसका पहले की भाँति असर नहीं रहा है।

प्राचीनकाल में इस विद्या के कारण भी भारत की विश्व में पहचान थी। देश-विदेश से लोग यह विद्या सिखने आते थे। आज पश्चिम देशों में तरह-तरह की जादू-विद्या लोकप्रिय है तो इसके मूल में है भारत से लिया गया यह ज्ञान।

गुरु दत्तात्रे को भी इन्द्रजाल का जनक माना जाता है। चाणक्य ने अपने अर्थशास्त्र में एक बड़ा भाग इस विद्या पर लिखा है। सोमेश्वर के मानसोल्लास में भी इन्द्रजाल का उल्लेख मिलता है। उड़ीसा के राजा प्रताप रुद्रदेव ने श्कौतुक चिंतामणिश् नाम से एक ग्रंथ लिखा है जिसमें इसी तरह की विद्याओं के बारे में उल्लेख मिलता है। बाजार में कौतुक रत्नभांडागार, आसाम और बंगाल का जादू, मिस्र का जादू, यूनान का जादू नाम से कई किताबें मिल जाएगी, लेकिन ये सभी किताबें इन्द्रजाल से ही प्रेरित हैं।

इन्द्रजाल विद्या को चकमा देने की विद्या भी माना जाता है। आजकल की भाषा में इसे भ्रमजाल कह सकते हैं। खासकर अपने प्रतिद्वंद्वियों को कैसे भरमाया जाए और उनके इरादों को कैसे नीचा दिखाया जाए। इसके लिए जो उपाय किए जाते, वे इन्द्रजाल के उपाय कहे गए।

मेघान्धकार वृष्टयग्नि पर्वतादभुत दर्शनम।।

दूरस्थानानां च सैन्यानां दर्शनं ध्वजमालिनाम।।

च्छिन्नपाटितभिन्नानां संस्रुतानां प्रदर्शनम।

इतीन्द्रजालं द्विषतां भीत्यर्थमुपकल्पयेत।।- (कामंदकीय नीतिसार 18, 53-54)

चाणक्य के अनुयायी कामन्दक ने राजनीति करने वालों और शासन में बैठने की इच्छा रखने वाले लोगों के बारे में कहा है कि लोगों को समूह में मूर्ख बनाना आसान काम नहीं है, वे बातों से नहीं मानते हैं, तर्क करते हैं और तार्किक जवाब दो तब भी वे आक्रमण करते हैं। ऐसे में क्यों न उनके लिए इन्द्रजाल का प्रयोग किया जाए

अतः कुछ ऐसे उपाय हों कि नेत्रों को भ्रम होने लगे, बिना कारण ही आसमान में बादल दिखाई दें, अंधकार छा जाए, आग की बारिश होने लगे। अचानक पहाड़ों पर अदभुत दिखाई देने लगे और दूर स्थानों पर बैठी सेनाओं के समूहों में भय व्याप्त हो जाए। लाखों ध्वजाएं उड़ती दिखाई देने लगे, जो सामने अच्छा भला हो, वह देखते ही देखते छिन्न-भिन्न लगने लगे और भी ऐसे उपाय जिनसे भयोत्पादन हो, इन्द्रजाल कहे जाते हैं।

दरअसल इन्द्रजाल के अंतर्गत कुछ भी भ्रमित किया सकता है, जिससे आपकी आंखें, दिल और दिमाग को धोखा हो जाए, वह इन्द्रजाल है। आप किसी पर मोहित हो जाओ और उसकी तारीफ करने लग जाओ और उसके प्यार में पागल हो जाओ वह भी इन्द्रजाल है।

इंद्रजाल में सम्पूर्ण तंत्र मंत्र यन्त्र का समावेश

यदि आप पुराने इंद्रजाल से परिचित हैं तो आपको पता होगा की उसमें सभी कुछ है फिर चाहे वो टोटका हो, तंत्र हो, मंत्र हो, या फिर इस्लामिक हो यहाँ तक की तिलिस्म भी इसमें आपको देखने को मिलेगा। इसके अतिरिक्त वे करतब, जो आपको मदारी  बाजीगर दिखाते हैं, वे इसी की देन है। इंद्रजाल में तंत्र से जुडी आपकी हर समस्या का समाधान मौजूद है, जैसे की वशीकरण से जुड़े मंत्र उपाय, टोटके, और भी बहुत कुछ। दूसरों शब्दों में इंद्रजाल हर शक्ति, समस्या का समाधान है।

इंद्रजाल में शत्रु के सतम्भन, उच्चाटन, और मारण से जुड़े कई उपाय उपस्थित हैं जिनका प्रयोग तांत्रिकों द्वारा किया जाता है। इंद्रजाल में हर उपाय का इतना सटीक वर्णन है की आपके इसे सरलता से सीख सकते हैं। केवल इस बात का ध्यान रखें कि ये  उपाय जितना सामने वाले को नुकसान पहुंचाते है उससे कही ज्यादा खुद करने वाले पर प्रभाव डालते हैं। इसलिए इनका सही ज्ञान आवश्यक है।

तंत्र मंत्र में इंद्रजाल का महत्व

देखा जाए तो इंद्रजाल के प्रत्येक अध्याय में आपके हर सवाल का जवाब है लेकिन अगर तकनीकी तौर पर देखे तो इंद्रजाल सबसे बड़ा सटीक मंत्र और तंत्र का संग्रह है। जिसमे  आसानी से इन्हे सिखने में सहायता मिलती है। इसलिए तांत्रिक सबसे ज्यादा काला जादू और इंद्रजाल को महत्व देते है.

इंद्रजाल वशीकरण मंत्र 

इंद्रजाल सबसे बड़ा वशीकरण के उपायों का संग्रह है और इसमें बताए गए उपाय सरल है और हर उपाय सहज सुलभ कर सकने वाला है, जिसमे मंत्र यन्त्र और वनस्पति उपायों को शामिल किया गया है।

इंद्रजाल और साधनाएँ

इंद्रजाल में लगभग प्रत्येक यक्षिणी, अप्सरा और देव साधना के उपाय मिलते है। जिनका किसी और संग्रह में कोई उल्लेख नहीं होता।

वर्तमान में इंद्रजाल का महत्व

किसी भी बड़े जादूगर से मिले वो अपनी कला का श्रेय इंद्रजाल को देता है। इंद्रजाल से बाजीगर जो खेल दिखाते है वह केवल हाथ की सफाई है, इसे ही माया कहा गया है अर्थात हाथो और आँखों का इस्तेमाल कर सामने वाले पर अपने मायाजाल का प्रभाव डालना। आज के युग में इंद्रजाल की विद्या सिर्फ हाथो की सफाई तक ही सिमट गयी है।

इन्द्रजाल जड़ी

इन्द्रजाल नामक एक जड़ी रू इन्द्रजाल के नाम से एक जड़ी भी पाई जाती है जिसके तांत्रिक प्रयोग होते हैं। माना जाता हैं कि यह जड़ी पहाड़ी और समुद्री स्थलों पर मिलती है। यदि आप पर किसी ने टोना, टोटका या कोई तांत्रिक प्रयोग किया हो तो इस जड़ी से आप इस तरह के कूप्रभावों से बच सकते हैं।

इंद्रजाल वशीकरण मंत्र  – यह जड़ी मकड़ी के जाल जैसी होती है। जैसे मोर के पंख में जाल गूंथा गया हो। दरअसल यह एक समुद्री पौधा है जिसमें पत्ती नहीं होती। इन्द्रजाल की महिमा डामरतंत्र, विश्वसार, रावणसंहिता, आदि ग्रंथों में बताई गई है। कहते हैं कि इसे विधिपूर्वक प्रतिष्ठा करके साफ कपड़े में लपेटकर पूजा घर में रखने से अनेक प्रकार के लाभ होते हैं। इसमें चमत्कारी गुण होते हैं। हालांकि इसकी सच्चाई में संदेह का अंश भी विद्यमान है।

 

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टोने गुरूजी

वशीकरण टोने गुरूजी वशीकरण टोने तंत्र विद्या की एक शैली है, जिसमे किसी को अपने काबू मे करने के लिए उस व्यक्ति विशेस की पसंद की कोई चीज़ हासिल की जाती है फिर उस चीज़ को वशीकरण मंत्र के द्वारा सिद्ध किया जाता है. उसके बाद वशीकरण पूजा की जाती है तथा फिर उस चीज़ को एक नियत दिन, समय पर व्यक्ति विशेस पर आजमाया जाता है. ये क्रिया एक योग्य वशीकरण गुरु के द्वारा सम्पादित की जाती है. कोई भी वशीकरण टोना की सफलता एक योग्य गुरु पर निर्भर करती है.